ऑड-ईवन स्कीम: प्राइवेट सीएनजी कारों और बाइक पर राहत होगी खत्म, सरकारी दफ्तरों का बदलेगा टाइम?

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हाइलाइट्स

  • परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले की तरह ही इस बार भी महिला कार चालकों को स्कीम से बाहर रखा जाएगा
  • प्राइवेट सीएनजी कारों का छूट में बेजा इस्तेमाल करने की थीं खबरें, इस बार नहीं मिलेगी राहत
  • टू-वीलर्स को भी पीक आवर्स में ही राहत देने पर विचार, 11 बजे से खुल सकते हैं दिल्ली सरकार के ऑफिस

सिद्धार्थ रॉय/अतुल माथुर, नई दिल्ली
राजधानी में 4 से 15 नवंबर तक लागू होने वाली ऑड-ईवन स्कीम में इस बार प्राइवेट सीएनजी कारों और बाइकों को मिलने वाली राहत भी खत्म हो सकती है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सीएम केजरीवाल को सौंपी अपने सिफारिशों में कहा है कि निजी सीएनजी कारों के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के मामले देखने को मिलते हैं। इसके चलते पलूशन खत्म करने के लिए चलाई जाने वाली इस स्कीम का मकसद ही खत्म हो सकता है। ऐसे में इन कारों को ऑड-ईवन के तहत छूट नहीं दी जा सकती है। यही नहीं पीक आवर्स के अलावा बाइक को भी दायरे में लाने पर विचार चल रहा है।

हालांकि परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले की तरह ही इस बार भी महिला कार चालकों को स्कीम से बाहर रखा जाएगा। सुरक्षा कारणों से सरकार ने महिला कार चालकों को यह राहत देने का फैसला लिया है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत ने ऑड-ईवन को लेकर डिपार्टमेंट की सिफारिशें सीएम अरविंद केजरीवाल को भेज दी हैं। इनमें एक अहम सिफारिश दिल्ली सरकार के दफ्तरों में कामकाज 11 बजे से शुरू करने की भी है ताकि पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके।

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बता दें कि सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने ऑड-ईवन स्कीम को लेकर परिवहन विभाग के सुझाव मांगे थे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने सर्दियों के मौसम में बीते कई साल से राजधानी में छा जाने वाले स्मॉग से निपटने के मकसद से सितंबर में इस स्कीम को एक बार फिर से लागू किए जाने का ऐलान किया था। माना जाता है कि सर्दियों के मौसम में हवा धीमी होने, पराली जलाने के धुएं और अन्य कई कारणों से स्मॉग छा जाता है। ऐसे में पलशून से निपटने के विंटर ऐक्शन प्लान के तहत केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन स्कीम की वापसी का ऐलान किया है।

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सीएनजी कारों को पहचानने में भी आती थी दिक्कत
निजी सीएनजी कारों को छूट न देने को लेकर सरकार का पक्ष है कि गैर-कमर्शल कारों को स्कीम के दायरे से बाहर नहीं कर सकते। एक अधिकारी ने बताया, ‘पिछली ऑड-ईवन स्कीमों के दौरान ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि निजी सीएनजी कारों को मिली छूट का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सीएनजी या गैर-सीएनजी कारों की पहचान करने में दिक्कत आती थी। इसकी वजह काफी छोटा स्टीकर चिपके होने या फिर न होना था।’

‘सुबह 8 से 11 और शाम 5 से 8 होगी बाइक को छूट’
पिछली स्कीमों में दिल्ली सरकार ने सभी टू-वीलर्स को पूरी तरह से छूट दी थी। हालांकि इस बार ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का सुझाव है कि सिर्फ पीक आवर्स में ही यह छूट दी जाए। एक अधिकारी ने बताया, ‘हमने सरकार को सुझाव दिया है कि टू-वीलर्स को सुबह 8 से 11 बजे और शाम को 5 से 8 बजे तक के लिए ही रिलैक्स दिया जाए।’ उन्होंने कहा कि शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर बहुत दबाव की स्थिति न हो, इसलिए पीक आवर्स में दोपहिया वाहनों को छूट की सिफारिश की गई है। राजधानी में करीब 70 लाख रजिस्टर्ड टू-वीलर हैं।

Source:-https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/delhi/other-news/odd-even-relief-may-be-end-for-private-cng-cars-and-bike-riders/articleshow/71549164.cms

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